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The Union Minister for Steel, Chemicals and Fertilisers, Mr Ram Vilas Paswan, enjoys Himachali food

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Friday, January 21, 2011

अटल स्वास्थ्य सेवा- बीमार व्यक्तियों के लिए वरदान

कार्यालय सवांददाता 



 प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को बेहतर और गुणात्मक स्वास्थ्य सुविधएं घर द्वार पर उपलब्ध करवाने के प्रति वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य से गत 25 दिसम्बर को प्रदेश में अटल स्वास्थ्य सेवा नामक निःशुल्क एंबुलेंस सेवा प्रारम्भ की गई है।
मुख्य मंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने इस योजना की शुरूआत शिमला के ऐतिहासिक रिज से की। इस सेवा के प्रथम चरण में सात ज़िलों के लिए 50 रोगी वाहनों को अटल स्वास्थ्य सेवा के तहत आरम्भ किया गया है। प्रथम चरण में शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर तथा ऊना ज़िलों के चिन्हित स्थलों के लिए शिमला से रोगी वाहनों को रवाना किया गया। शेष ज़िलों में यह सुविधा मार्च, 2011 में उपलब्ध हो जायेगी। इस सेवा के तहत गंभीर रूप से बीमार लोगों सहित गर्भवती महिलाओं को नजदीक के अस्पताल में तत्काल इलाज करवाने के लिए निःशुल्क रोगी वाहन सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए टोल फ्री नंबर 108 पर कोई भी व्यक्ति फोन कर सकता है और रोगी वाहन की मांग कर सकता है। अभी तक आपातकालीन रिस्पोंस केन्द्र में 12,571 काॅल्स प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 543 आपातकालीन व 1221 पूछताछ काॅल्स थी। 72 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं ने भी इस सुविधा का लाभ उठाया। अधिकतर काॅल्स शिमला, सिरमौर, हमीरपुर व बिलासपुर जिलों से प्राप्त हुई।
इस सेवा की विशेषता यह है कि मांग पर यह वाहन 25 से 35 मिनट में उस स्थान पर पहुंच जायेगी जहां रोगी को इसकी आवश्यकता है। गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं को आपात सेवा में विशेष रूप से शामिल किया गया है। सरकार ने जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्टयूट से समझौते के बाद इस सेवा को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में शुरू किया है। इनमें 12 एडवांस लाईफ सपोर्ट और 38 बेसिक लाईफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। इन ऐंबुलेंसों की विशेषता यह है कि यह सभी वाहन एयर कंडीशंड है। इनमें आॅटोमैटिक इन्टर्नल डिफब्रीलेटर्स (एईडी), पल्स आक्सीमीटर, आक्सीजन आपूर्ति, नेबुलाइजर, सकशन मशीन, ग्लूकोमीटर, इलेक्ट्राॅनिक बीपी आॅप्रेटस, स्ट्रेचर, एक्सट्रैक्शन किट, एंटी स्नेक वेंनम, फल्यूड प्ट इत्यादि सभी आवश्यक दवाएं आदि होंगी। इस विशेष एंबुलेंस में आपातकालीन मेडिकल टेक्निशियन काल सेंटर में डाॅक्टर से परामर्श कर मरीज को फस्र्टएड प्रदान करेगा। निःशुल्क एंबुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके का मुख्य कार्यालय सोलन ज़िला के धर्मपुर में स्थापित होगा। जब तक यह कार्यालय धर्मपुर में बन कर तैयार नहीं हो जाता तब तक अस्थाई तौर पर यह कार्यालय सोलन-कुमारहट्टी बाई पास पर रबौन में कार्य करेगा जहां से काॅलसेंटर संचालित होगा। इस काॅलसेंटर से मांग पर रोगी निःशुल्क वाहन सेवा उपलब्ध होगी। रबौन स्थित काॅलसेंटर हर काॅल का रिकाॅर्ड रखेगा। प्रदेश भर में संचालित होने वाली सभी एंबुलेंसों को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम की सुविध से लैस किया गया है जिससे लगातार यह पता चलता रहेगा कि एंबुलेंस कहां स्थित है।
इससे पूर्व हिमाचल में जहां 70 हजार लोगांे के लिए एक रोगी वाहन का प्रावधान था, वहीं इस योजना के द्वितीय चरण के पूरा होने पर 50 लोगों के लिए एक रोगी वाहन उपलब्ध होगा। वर्तमान में देश के अन्य प्रदेशों में एक लाख लोगों के लिए एक रोगी वाहन उपलब्ध है। उत्तर भारत में इस सेवा को आरंभ करने वाला हिमाचल प्रदेश दूसरा राज्य है।
इस सेवा पर वार्षिक अनुमानित लागत 14.39 करोड़ और पूंजीगत व्यय 18 करोड़ होगा। इसमें 609 प्रशिक्षित व्यक्तियों को रोजगार दिया जायेगा। इनमें 300 चालक होंगे जो पायलट कहलायेंगे, 300 आपात मेडिकल टेक्नीशियन, चार डाक्टर और 13 संचार अधिकारी होंगे। साथ ही चार पुलिस कर्मचारी मेडिकल लीगल सेवा के लिए इमरजेंसी रिस्पाॅंस सेंटर में रहेंगे। यह कर्मी विशेष रूप से उन शरारती तत्वों पर नज़र रखेंगे जो इस सेवा का दुरुपयोग करने की नीयत से काॅलसेंटर में फर्जी काॅल करते हैं। इसमें दो राय नहीं कि इस सेवा का लाभ निश्चित तौर पर उन रोगियों को भी मिलेगा जो पहले इलाज के अभाव में दम तोड़ जाते थे। प्रदेश सरकार के इस सराहनीय कदम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होगी।


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