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The Union Minister for Steel, Chemicals and Fertilisers, Mr Ram Vilas Paswan, enjoys Himachali food

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Thursday, March 24, 2011

297 करोड़ रुपये जनजातीय उप योजना के तहत व्यय किए जायेंगे।


शिमला ---मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) में 1260 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से अगले वित्त वर्ष मंे 297 करोड़ रुपये जनजातीय उप योजना के तहत व्यय किए जायेंगे। उन्होंने यह जानकारी 41वीं हिमाचल प्रदेश राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत तीन वर्षों में जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत 663.32 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में 297 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव है। प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों के सतत् विकास के लिए बजट परिव्यय में से 9 प्रतिशत इन क्षेत्रों के लिए अलग से रखना अनिवार्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त जनजातीय क्षेत्रों में अन्य विकास योजनाएं भी कार्यान्वित की जा रही हैं। इस वित्त वर्ष में योजना तथा गैर-योजना में 601.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

प्रो. धूमल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति से सम्बद्ध छात्रों को दसवीं कक्षा से पूर्व एवं बाद में छात्रवृत्ति तथा परीक्षाओं से पूर्व कोचिंग सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। पांगी, भरमौर तथा स्पीति में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भी खोले जा रहे हैं। सीमान्त क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं ऊर्जा अधोसंरचना के सृजन पर 25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा अन्य विभिन्न कल्याण गतिविधियों के लिए 2.68 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1495 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रोहतांग सुरंग के माध्यम से लाहौल घाटी को वर्ष पर्यन्त सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। सभी मौसमों के लिए उपयुक्त रोहतांग सुरंग के माध्यम से लाहौल घाटी को जोड़ने का यह सपना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का था। उन्होंने कहा कि अटल आवास योजना तथा इंदिरा आवास योजना के तहत 416 परिवारों को लाभान्वित किया गया है, जबकि 9406 वृद्ध, विधवा एवं अक्षम व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है।

प्रो. धूमल ने कहा कि राज्य सरकार ने भावा-मड सड़क के लिए वन स्वीकृति प्राप्त करने का मामला केन्द्र सरकार से उठाया है। इस सड़क के बन जाने से स्पीति की पिन घाटी से भावा की दूरी लगभग 100 कि.मी. कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नौतोड़ मामलों के नियमितिकरण का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में उठाया जा रहा है, क्योंकि यह सारी भूमि वन क्षेत्र में है। केन्द्र सरकार से काफनू-वांगतू सड़क को सुधारने का मामला भी उठाया गया है। अगले अकादमिक सत्र से आईटीआई भरमौर में मोटर मकैनिक तथा इलैक्ट्रिशियन के कोर्स भी चलाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सकों, अन्य कर्मचारियों एवं पैरा मैडिकल स्टाॅफ के खाली पड़े पदों को भरने के प्रयास किए जा रहे हैं। पांगी घाटी में एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। रोहतांग दर्रे के नीचे पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं, ताकि क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम कर पर्यटकों एवं अन्य को सुचारु यातायात सुविधा उपलब्ध करवायी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रमुख शहर में चरणबद्ध तरीके से अग्निशमन केन्द्र स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रो. धूमल ने कहा कि अटल स्वास्थ्य सेवा योजना को प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों तक बढ़ाया जाएगा और शीघ्र ही जनजातीय क्षेत्रों में पूर्ण रूप से सुसज्जित रोगी वाहन तैनात किए जाएंगे, ताकि यहां लोगों को श्रेष्ठ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किन्नौर के शिपकिला से होकर कैलाश-मानसरोवर तीर्थ यात्रा का मार्ग खोलने का मामला केन्द्रीय विदेश मंत्रालय से उठाया है, जिसने इस पर चीन की सरकार से बातचीत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीति घाटी में टाॅवर लाईन बिछाई जा रही है तथा दिसम्बर, 2011 तक किन्नौर के पूह को टाॅवर लाईन के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में बिजली की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दृष्टि से लघु तथा सूक्ष्म जलविद्युत परियोजनाएं निर्मित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय क्षेत्रों के गांव में उपजाऊ भूमि को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पर्यावरण मित्र चेक बांध बनाए जाएं तथा यदि आवश्यकता हो तो कैट योजना को पुनः तैयार करें।

प्रो. धूमल ने जनजातीय क्षेत्रों के निवासियों का आह्वान किया कि वे ‘भेड़ पालक योजना’ का लाभ उठाएं, ताकि गड़रियों के पारंपरिक व्यवसाय को पुनर्जीवित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी 40 भेड़ों और 2 मेंाव देने के लिए गैर सरकारी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों के लिए और प्रभावी नीतियां एवं कार्यक्रम बनाने में सहायता मिलेगी।

लाहौल स्पीति के विधायक डाॅ. रामलाल मारकण्डेय ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 में योजना आकार 1900 करोड़ रुपये का था, जबकि जनजातीय उप योजना 148.50 करोड़ रुपये की थी। किन्तु सरकार बदलने के साथ जनजातीय उप योजना घटकर 105.63 करोड़ रुपये रह गयी। प्रो. प्रेम कुमार धूमल के पुनः सत्ता में आने के उपरांत वर्ष 2008-09 में योजना बढ़कर 216 करोड़ रुपये हो गयी। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए समुचित धन उपलब्ध करवाया जा रहा है तथा सड़कों एवं पुलों पर 120.42 करोड़ रुपये, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य/पेय जलापूर्ति योजनाओं पर 110 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य सेवाओं 40.50 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

किन्नौर के विधायक श्री तेजवंत नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि गत तीन वर्षों में विकास की गति बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करें, ताकि सीमित कार्य समय का श्रेष्ठ उपयोग किया जा सके। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में तीन दर्जन राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के लिए जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री को बधाई दी। जनजातीय क्षेत्रांे के लोगों के त्वरित उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासांे के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्य सचिव श्रीमती राजवंत संधू ने प्रधान सचिव जनजातीय विकास श्री भीमसेन द्वारा दिए गए योगदान की सराहना की तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त पद पर नियुक्ति के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्री सेन ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए श्रेष्ठ कार्य किया, जिसका यहां के लोगों को लाभ मिला।

प्रधान सचिव जनजातीय विकास श्री भीमसेन ने मुख्यमंत्री, विधायकों और जनजातीय सलाहकार परिषद के गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में जनजातीय क्षेत्रों की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाता है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस. राॅय, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, उपायुक्त,वरिष्ठ अधिकारी तथा जनजातीय सलाहकार परिषद के गैर सरकारी सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।

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