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The Union Minister for Steel, Chemicals and Fertilisers, Mr Ram Vilas Paswan, enjoys Himachali food

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Wednesday, March 2, 2011

ग्रामीण इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय, शिमला


ग्रामीण इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय, शिमला (आईजीएमसी) ने प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। गत तीन वर्षों में राज्य सरकार के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप ही यह फलीभूत हुआ है।

प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी की अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं। सन् 1978 से एमबीबीएस की 65 सीटों को सरकार ने बढ़ाकर 100 किया है जोकि प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई नीति दस्तावेज के वायदों की पूर्ति है। इस संस्थान में स्नातकोत्तर विषय सन् 1982 में आरंभ किए गए थे परन्तु पूर्व में विभिन्न स्पेशिएलिटी में सीटों को बढ़ाने का कोई प्रयत्न नहीं किया गया। वर्तमान सरकार ने गत तीन वर्षों में विभिन्न स्पेशिएलिटी में सीटों को 38 से बढ़ाकर 70 कर दिया जबकि 8 स्नातकोत्तर विषयों के लिए इस वर्ष आवेदन किया गया है।

आईजीएमसी प्रदेश का एकमात्र संस्थान है जहां प्रत्येक विषय में स्नातकोत्तर कोर्स उपलब्ध है। सन् 1982 में 16 विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर कोर्स आरम्भ किया गया था। पल्मनरी मेडिसन विषय (आॅनकोलाॅजी) में स्नातकोत्तर कोर्स और चर्म तथा वीडी स्पेशियलिटी कोर्सों को हाल ही में आरंभ किया गया है। मेडिकल कोंसिल आॅफ इंडिया ने संस्थान को कार्डियोलाॅजी में डीएनबी तथा एमसीएच कार्डियो थोराइसिक वास्कयूलर सर्जरी को आरंभ करने की मंजूरी प्रदान की है। वर्ष 2010 तक इस संस्थान से 2550 स्नात्तक एवं 78 बीएससी पैरामेडिकल विद्यार्थी पास आॅउट हुए हैं। इसके अलावा 595 स्नातकोत्तर तथा 270 विद्यार्थियों ने डिप्लोमा कोर्स उतीर्ण किया है। भाषा एवं स्पीच थैरेपी में नेशनल स्पीच एवं हेयरिंग संस्थान, मैसूर के संयुक्त तत्वाधान में ईएनटी विभाग में 20 विद्यार्थियों के बैच के लिए एक नया कोर्स आरंभ किया गया है।

मेडिकल कोंसिल आॅफ इंडिया के मानकों के अनुसार शिक्षक कैडर व नाॅन शिक्षक कैडर के अतिरिक्त पदों को सृजित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। आईजीएमसी में विभिन्न श्रेणियों में 96 पद तथा कमला नेहरू राज्य चिकित्सालय, शिमला में मातृ-शिशु के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से 23 पद सृजित किए गए हैं।

प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी के विभिन्न विभागों में प्रोफेसर के 5 पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 6 पद, असिस्टेट प्रोफेसर के 15 पद व मेडिकली अफसर के 2 रिक्त पद भरे हैं। इसके अतिरिक्त नर्सिंग सुपरिन्टेंडेंट का एक पद, मेट्रन के 13 पद, वार्ड सिस्टर के 28 पद, असिस्टेंट कंट्रोलर (फाइनेंस)का एक पद, निजी सहायक के 3 पद  व क्लर्क के 2 पद पदोन्नति के आधार पर भरे गए। संस्थान में स्टाफ नर्सों के 100 पद रोगी कल्याण समिति द्वारा भरे गए। गत 10 वर्षों में यह पहला मौका है जब 60 विद्यार्थियों के बैच को नर्सिंग स्कूल में नियमित आधार पर दाखिला मिला हो।

इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज, शिमला को भारत सरकार द्वारा प्रथम क्षेत्रीय कैंसर केन्द्र का दर्जा प्राप्त हुआ है। एम.आर.आई. सुविधा के अतिरिक्त ओपन हार्ट सर्जरी भी शुरू कर दी गई  है। क्षेत्रीय कैंसर केन्द्र में 3.40 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई टेलीकोबाल्ट ईकाई मशीन रेडियोथीरेपी की प्रक्रिया में गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।

जहां इस मशीन से अब रोज़ाना 120 से 130 रोगियों का इलाज हो सकता है, वहीं पहले केवल 60 से 65 रोगियों का ही इलाज संभव था। इस नई ईकाई में स्नातकोत्तर व बीएससी तकनीकी कोर्सों के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मानव शरीर की स्कैनिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए 6.65 करोड़ रुपये की लागत से 64 स्लाइस एमडीसीटी मशीन स्थापित की गई है जोकि दक्षिण पूर्वी एशिया में अपनी तरह की पहली मशीन है। इस मशीन द्वारा 10 सेंकेड के भीतर मानव शरीर की स्कैनिंग हो सकती है व रोज़ाना 30 सीटी स्कैन किए जा सकेंगे। इस ईकाई से एंजियोग्राफी, ब्रोंचोग्राफी, एंट्रोग्राफी व क्लोनोग्राफी जैसी सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी। आईजीएमसी में 40 लाख रुपये की लागत से आई बैंक, चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में पहला आई बैंक स्थापित किया गया है जिसमें नेत्रदान तथा काॅर्निया ट्रासप्लांट की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।

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